tag:blogger.com,1999:blog-9692244.post111069470732694001..comments2007-04-15T21:02:18.324-05:00Comments on eSwami's Feel Good Tantrum: बेचारा लल्लू!eSwamihttp://www.blogger.com/profile/04980783743177314217noreply@blogger.comBlogger3125tag:blogger.com,1999:blog-9692244.post-1110816686860937642005-03-14T10:11:00.000-06:002005-03-14T10:11:00.000-06:00इसे कहते हैं आदर्श हसबैन्ड मैटीरियल. खुशनसीब हैं ड...इसे कहते हैं आदर्श हसबैन्ड मैटीरियल. खुशनसीब हैं डियनिका जी.Ramanhttp://www.blogger.com/profile/13005989198965246263noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9692244.post-1110743043962350352005-03-13T13:44:00.000-06:002005-03-13T13:44:00.000-06:00पाँच मिनट साथ सोने की कीमत जिंदगी भर उल्लू बनाकर व...पाँच मिनट साथ सोने की कीमत जिंदगी भर उल्लू बनाकर वसूलना| यह डायलाग एक महिला कथाकार द्वारा, महिला पात्र के मुख से महिलाप्रधान कथा में कहा गया है| यहाँ बिल्कुल सही बैठता है और कहानीकार का नाम अभी याद नही|Atul Arorahttp://www.blogger.com/profile/00089994381073710523noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9692244.post-1110732624420064332005-03-13T10:50:00.000-06:002005-03-13T10:50:00.000-06:00दूसरे का सुख देखकर जलते हो!यह अच्छी बात नहीं है स्...दूसरे का सुख देखकर जलते हो!यह अच्छी बात नहीं है स्वामीजी.शरदजोशी जी ने शायद इसी तरह <BR/>के अतिथियों से पीड़ित होकर लिखा है लेख--तुम कब जाओगे अतिथि?बहरहाल लेख मजेदार है.बधाई.अनूप शुक्लाhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.com